आह को चाहिये एक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक
--
दाम हर मौज में है हल्क़ा-ए-सदकाम-ए-नहंग
देखें क्या गुज़रे है क़तरे पे गौहर होने तक
--
आशिक़ी सब्रतलब और तमन्ना बेताब
दिल का क्या रंग करूं ख़ून-ए-जिगर होने तक
--
हम ने माना कि तग़ाफ़ुल ना करोगे लेकिन
ख़ाक हो जायेंगे हम तुमको ख़बर होने तक
--
परतव-ए-ख़ूर से है शबनम को फ़ना की तालीम
मैं भी हूं एक इनायत की नज़र होने तक
--
यक नज़र बेश नहीं फ़ुरसत-ए-हस्ती ग़ाफ़िल
गर्मी-ए-बज़्म है एक रक़्स-ए-शरर होने तक
--
ग़म-ए-हस्ती का ’असद’ किस से हो जुज़ मर्ग इलाज
शम्मा हर रंग में जलती है सहर होने तक
----------------------------------------------------------------
दाम=Trap, मौज=Wave, हल्क़ा=RIng/Circle, सद=Hundred, नहंग=Corcodile,
गौहर=Pearl, सब्रतलब=Patient, तग़ाफ़ुल=Neglect, परतव-ए-ख़ूर=Sun's Rays ,
शबनम=Dew, फ़ना=Perish, इनायत=Favor, बेश=Excess, ग़ाफ़िल=Ignorant,
रक़्स=Dance, शरर=Flash/Fire, जुज़=Other than, मर्ग=Death
Monday, August 17, 2009
आह को चाहिये...
Thursday, August 13, 2009
आ कि मेरी जान में क़रार नहीं है...
आ कि मेरी जान में क़रार नहीं है
ताक़त-ए-बेदाद-ए-इन्तज़ार नहीं है
--
देते हैं जन्नत हयात-ए-दहर के बदले
नशा बाअन्दाज़ा-ए-ख़ुमार नहीं है
--
गिरिया निकाले है तेरी बज़्म से मुझको
हाय! कि रोने पे इख़्तियार नहीं है
--
हम से अबस है गुमान-ए-रंजिश-ए-ख़ातिर
ख़ाक़ में उश्शाक़ की ग़ुबार नहीं है
--
दिल से उट्ठा लुत्फ़-ए-जलवा हाय मआनी
ग़ैर-ए-गुल आईना-ए-बहार नहीं है
--
क़त्ल का मेरे किया है अहद तो बारे
वाये! अगर अहद उस्तवार नहीं है
--
तूने क़सम मयकशी की खाई है ग़ालिब
तेरी क़सम का कुछ ऐतबार नहीं है
-----------------------------------------------------------
क़रार-Rest, बेदाद-Injustice, हयात-Life, दहर-World, बाअन्दाज़ा-According to, ख़ुमार-Intoxication,
गिरिया-Weeping, इख़्तियार-Control, अबस-Indifferent, गुमान-Suspicion, उश्शाक़-Lovers, ग़ुबार-Clouds of Dust,
मआनी-Meanings, ग़ैर-ए-गुल-Other than blossoms, अहद-Promise, बारे-at last, उस्तवार-Firm/Determined,
मयकशी-Boozing, ऐतबार-Trust/Faith
Wednesday, August 12, 2009
नक़्श फ़रियादी है.....
नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का
काग़ज़ी है पैराहन हर पैकर-ए-तस्वीर का
--
कावे-कावे सख़्तजानी हाय तन्हाई ना पूछ
सुबह करना शाम का लाना है जू-ए-शीर का
--
जज़्बा-ए-बेइख़्तियार-ए-शौक़ देखा चाहिये
सीना-ए-शमशीर से बाहर है दम शमशीर का
--
आगाही दाम-ए-शुनीदां जिस क़दर चाहे बिछाये
मुद्दआ अन्क़ा है अपने आलम-ए-तक़रीर का
--
बस कि हूं ग़ालिब असीरी में भी आतिश ज़र-ए-पा
मू-ए-आतिश दीदा है हल्क़ा मेरी ज़ंजीर का
------------------------------------------------------------------------------
नक़्श - copy/print, फ़रियाद - complaint, तहरीर - handwriting, काग़ज़ी - delicate, पैराहन - dress
पैकर - appearance, कावे-कावे - hardwork, सख़्तजानी - tough life, जू - canal, शीर -milk
जू-ए-शीर - to create a canal of milk, here it means to perform an impossible task
इख्तियार - authority, शमशीर - sword, आगाही - knowledge, दाम - trap, शुनीद - conversation
अन्क़ा - rare, आलम - Universe, तक़रीर - speech/discourse, असीरी - imprisonment
ज़र-ए-पा - under the feet, मू - hair, आतिश दीदा - roasted on fire, हल्क़ा - ring/circle
Tuesday, August 11, 2009
तआर्रुफ़
हैं और भी दुनिया में सुख़नवर बहुत अच्छे, कहते हैं कि ग़ालिब का है अन्दाज़-ए-बयां और!
ये तआर्रुफ़ है इस ब्लौग का. क्यूंकि ये ब्लौग जिसके बारे में है, उसे तो किसी तआर्रुफ़ की हाजत ही नहीं है. ये ब्लौग एक कोशिश है मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग़ ख़ां ’ग़ालिब’ की बेहतरीन शायरी को इन्टरनैट पर एक जगह जमा करने की. ताकि मेरे जैसे सना ख़्वाओं को अपने अज़ीज़ शायर की शायरी पढ़ने के लिये ज़्यादा मशक्क़त ना करनी पड़े.
यहां आपको मिर्ज़ा नौशा की शायरी के साथ-साथ उनके बारे में और भी आगाही मुहैया कराने की मेरी कोशिश रहेगी.
इस ’तआर्रुफ़’ को और ज़्यादा तवील ना बनाते हुये, आपसे गुज़ारिश है कि अगर आपको ये ब्लौग पसन्द आये तो अपने comments ज़रूर छोड़ें.
First post - coming soon!
ये तआर्रुफ़ है इस ब्लौग का. क्यूंकि ये ब्लौग जिसके बारे में है, उसे तो किसी तआर्रुफ़ की हाजत ही नहीं है. ये ब्लौग एक कोशिश है मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग़ ख़ां ’ग़ालिब’ की बेहतरीन शायरी को इन्टरनैट पर एक जगह जमा करने की. ताकि मेरे जैसे सना ख़्वाओं को अपने अज़ीज़ शायर की शायरी पढ़ने के लिये ज़्यादा मशक्क़त ना करनी पड़े.
यहां आपको मिर्ज़ा नौशा की शायरी के साथ-साथ उनके बारे में और भी आगाही मुहैया कराने की मेरी कोशिश रहेगी.
इस ’तआर्रुफ़’ को और ज़्यादा तवील ना बनाते हुये, आपसे गुज़ारिश है कि अगर आपको ये ब्लौग पसन्द आये तो अपने comments ज़रूर छोड़ें.
First post - coming soon!
Subscribe to:
Posts (Atom)

